शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

सभ्यता ???



हम सभ्य हैं
क्यूंकि -
हम छुरी कांटे से खाते हैं,
तन की महक को डियो से छुपाते हैं;
लोगों के बीच जोर से हँसते नहीं हैं,
और खांसने से पहले कहते हैं - एक्स्क्युस मी!!


                                                               आशुतोष त्रिपाठी

4 टिप्‍पणियां:

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  2. हम सभ्य है क्योंकि
    नहीं पीक की पिचकारियों से रंगते घर द्वार
    नहीं बकते अपशब्द दोस्तों और अजनबियों को
    नहीं कसते फ़ब्तिया आती जाती लड़कियों को

    आपकी रचना से प्रेरित

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  3. सोनल जी काश हम बाकई सभ्य बन जाये जैसी आप कल्पना कर रही है
    कल्पना इसलिये कह रही हूँ क्योकि समाज से ये आचरण गायब ही नजर आते है ।

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