शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

चुनाव २०१७



अबकी बारी सोच समझ कर
मित्रों बैलेट पर बटन दबाओ
सोये रहे जो आज के दिन भी
फिर तो पाँच साल पछताओगे

है देश बचाना अब तो जानो
वोट की ताकत को पहचानो
ना घुसे सभा में पापी दरिन्दे
आज ही ये निश्चित कर डालो

नही है दिन ये मौज करने को
घर मे बस खाली पडे रहने को
मत का मूल्य सबको समझाओ
मत केन्द्र तक मिलकर आओ

जाति धर्म का ध्यान ना धरना
सही व्यक्ति को ही आगे करना
देश का जिम्मा अब तो उठाओ
चुनाव को राष्ट्रीय पर्व बनाओ

लगा उंगली पर नीला निशान
बनाना है अपना देश महान
बदल देंगे राजनीति की भाषा
नेताओं को ये संदेश सुनाओ

अबकी बारी सोच समझ कर
मित्रों बैलेट पर बटन दबाओ 

रविवार, 14 अगस्त 2016

a( matihindimasikblogspot.com): एक मात्र सत्य

a( matihindimasikblogspot.com): एक मात्र सत्य: कल तक इन वाणों  की नोकों से सहस्त्र -सहस्त्र शत्रु -सिर छेदे थे कल तक इस धनु  प्रत्यंचा से खींच शर लाखों लक्ष्य भेदे थे कितना अभिमा...

सोमवार, 25 जनवरी 2016

मुबारकें -

   आज गणतंत्र दिवस है आप सबको बहुत- बहुत बधाई।  ..दिन चाहे कोई सा भी हो..  .हमें मिला हुआ आज़ादी का हर एक पल सिर्फ और सिर्फ उनके नाम...  जो देश की सुरक्षा के लिए अपने घर-परिवार से दूर , किसी लालच के बगैर,  अपने बुलंद हौसलों से विपरीत परिस्थितियों में भी  संघर्ष करते हुए लगे है। सो आज  हम अपने ही नही विश्व के सभी सैनिकों को जो अपने देशके लिए समर्पित है .. सलाम करते है। 

मंगलवार, 3 मार्च 2015

जिंदगी की न टूटे लड़ी .......प्यार कर ले घडी दो घडी

जिंदगी की न टूटे लड़ी .......प्यार कर ले घडी दो घडी
मशहूर गीतकार संतोष आनंद डॉ.कुवर बेचैन ऐसे ही कई साहित्य के सितारों के बीच मिला 'निराला सम्मान 2015' ने अभिभूत कर दिया. ये सम्मान मेरे लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण था पहला कारण मेरे प्रिय गीतकार संतोष आनंद जी द्वारा दिया जाना दूसरा मेरे हमसफर डॉ पवन विजय को ' ऋतुराज सम्मान 2015' मिलना तीसरा महान कवि श्री सूर्यकान्त निराला की स्मृति में दिया गया. निराला स्मृति में बने कॉलेज में मेरा पहला चयन प्रवक्ता पद पर उन्नाव में हुआ था जो निराला की जन्म भूमि है बस वही से मेरे लेखन की भी यात्रा शुरू हुई थी . बस ईश्वर से इतना ही मांगती हूँ कि मैं आगे भी मैं सत्यम, शिवम् और सुन्दरम लिखती रहूँ. इस दौरान अनेक साहित्य विभूतियों से मिलने का मौक़ा मिला. पद्मभूषण गोपालदास नीरज से मिलना सुखद था, बेबाक जौनपुरी जी का स्नेह और मार्गदर्शन हम दोनों लोगों को मिला. कार्यक्रम की सफलता के लिए भाई अमरेन्द्र जी बधाई के पात्र हैं .
आप सभी इस कार्यक्रम को दूरदर्शन पर देख सकते हैं .