सोमवार, 16 जनवरी 2012

ए आई आर ओ के अध्यक्ष डा आलोक चांटिया की अपील

आज ऐसा लगता है कि हमने देश से अँगरेज़ के बाहर जाने को ही स्वतंत्रता समझ लिया .तभी तो अब तक हम में से ज्यादा तर लोग ये नही जानते कि स्वतंत्रता का मतलब क्या है ????????? भारत देश भी निराला देश है क्यों कि यह पर जेल में बंद अपराधी को मत देने का अधिकार चुनाव में नही है पर जेल में बंद व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है .क्या ये किसी आश्चर्य से कम है .........हम किसी वैश्या के साथ अपना नाम नही जोड़ना चाहते ..किसी कोढ़ी के साथ खाना नही खाना चाहते ...किसी एच आई वी संक्रमित व्यक्ति से शादी नही करना नही चाहते ......पर अपने देश कि बागडोर एक गलत और अपराधी व्यक्ति के हाथ में अपने ही मतों का प्रयोग करके देना चाहते है .........अगर आप किसी अपराधी को पाने घर पर रख ले तो आप भी अपराधी ही माने जायेंगे .अगर वो अपराधी खून करने का अपराधी है तो आप भी उसे छिपाने या शरण देने के कारण खून के अपराधी ही कहलायेंगे पर एक अपराधी को अगर कोई पार्टी पनाह देकर उसे चुनाव लड़ने का टिकट दे रही है .एक अपराधी को खुले आम अपने पार्टी का सदस्य  बताती है तो भी पार्टी को देश के कानून में कोई सजा नही है ..........देश कि संसद में फूलन देवी बैठ सकती है पर एक इमानदार औरत को बैठने में आपको संकोच होता है क्यों कि फूलन देवी जी का मूल्य ज्यादा है ...........कुशवाहा को सिर्फ  इस लिए लिया जायेगा क्यों कि देश आज तक जाति की राजनीति में जकड़ा है ........यह नैतिक मूल्यों से ज्यादा ये देखा जाता है किस तरह सीट मिलेगी .राजनीति देश की सेवा से ज्यादा एक नौकरी बन कर रह गई है ............पर देश की राजनीति ये कहती है कि हम कुछ गलत नही कर रहे है .अगर हम गलत है तो देश की जनता हमें जीता कर को भेजती है .उनके जन आदेश से साफ़ है कि हम गलत नही है .....इतने बड़े आरोप के बाद भी जनता नही जग रही है ..अपने बच्चो को अपराधियों से दूर रखने वाले पुरे देश को गलत हाथो में देने पर जरा सा संकोच नही करते ...क्या जनता को अपने ऊपर के आरोप को झुठलाते हुए अपने मत का प्रयोग सही उम्मीदवारों के लिए करके इस बार करार जवाब देना चाहिए कि जनता कभी भी गलत लोगो के न साथ थी और न है .....पर इसके लिए आपको अखिल भारतीय अधिकार संगठन कि आवाज और अपील को सुनना होगा .अखिल भारतीय अधिकार संगठन इसी बात का प्रयास बराबर कर रहा है कि एक बार तो हम अपनी ताकत क पहचानते हुए देश को उन लोगो के हाथ में सौपे .....जिसके लिए महात्मा गाँधी ने राम राज्य की कल्पना की थी ...........क्या आप इस बार देश को सुधरने में मदद करेंगे ????अपन मत सही अर्थो में सही उम्मीदवार के लिए सही समय पर करेंगे?
डॉ .आलोक चान्टिया

1 टिप्पणी:

  1. आलोक जी का लेख बिल्कुल तथ्यों से जुड़ा है लेकिन इसके लिए जिम्मेदार है हमारी अशिक्षित जनता और वह कभी शिक्षित नहीं हो सकती है क्योंकि उनकी शिक्षा के लिए मिलने वाला अनुदान तो शिक्षित खा रहे हें और जब तक उसको अपने मत का मूल्य नहीं मालूम है वह उसको सही ढंग से सही व्यक्ति के लिए कैसे प्रयोग करेगी? जातिवाद हमारे देश में आज भी गहरे तक जड़ें जमाये हुए हें. कुछ ऐसे प्रावधान हमारे संविधान में हें कि जिनका बदल जन बहुत जरूरी है. अपराधी हर हाल में अपराधी है अगर वह जेल के अन्दर है या उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हें भले ही वह अपने प्रभाव से जेल के बाहर हो उसके चुनाव लड़ने पर उसके निर्दोष साबित होने तक प्रतिबन्ध आवश्यक है.

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