रविवार, 31 मार्च 2013

हम तो आ गए बाजार में

हम तो आ गए बाजार में भैया कोई कीमत लगा ले...

आदर्शो की पूंजी की कीमत बस मिल जाये मुझे ,
आये है तो बाजार में थोडा नाम कमा ले ,

हम तो आ गए बाजार में भैया कोई कीमत लगा ले...

मिल जाये मुझे तालिया लोगो की वाहवाही ...
आओ इस बाजार में ऐसा दाव लगा ले .....

हम तो आ गए बाजार में भैया कोई कीमत लगा ले...

मोल हो इज्जत का कोई , वो हम भी चुका दे ..
होता हो कोई प्रश्न तो उत्तर हम भी बता दे .....

हम तो आ गए बाजार में भैया कोई कीमत लगा ले...

मन तो बहुत करता है पर आत्मा नहीं बिकती ..
डरती है इस भीड़ से ,बाजार में नहीं टिकती ..

न बेच पाए आत्मा को ,चलो कोई बात नहीं है ...
इस आत्मा की वैसे भी कीमत नहीं है मिलती ...
खड़े है बाजार के चौराहे में बिकने को ...
बस कोई आके कोई "अमन " तेरी एक कीमत लगा ले .......................

1 टिप्पणी:

  1. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त

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